गुरुग्राम, 02 मई।
एनजीटी के आदेश तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों की अनुपालना में जिला गुरुग्राम में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला, उपमंडल, ब्लॉक और गांव स्तर पर समितियों का गठन किया गया है।
इन समितियों को फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की निगरानी, रोकथाम और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वायु प्रदूषण पर भी नियंत्रण किया जा सके।
जिला स्तर की समिति में एडीसी, जिला राजस्व अधिकारी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, उप निदेशक कृषि तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को शामिल किया गया है। उपमंडल स्तर पर संबंधित एसडीएम, एसीपी, तहसीलदार, कृषि विभाग के अधिकारी (एसडीएओ/एपीपीओ/एसीडीओ/एसएमएस/एएई) तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ को सदस्य बनाया गया है।
ब्लॉक स्तर की समिति में बीडीपीओ, नायब तहसीलदार, संबंधित थाना प्रभारी और ब्लॉक कृषि अधिकारी को शामिल किया गया है। वहीं गांव स्तर पर एडीओ/बीटीएम/एटीएम/सुपरवाइजर, राजस्व पटवारी, पंचायत सचिव, पुलिस प्रतिनिधि तथा सरपंच और नंबरदार को जिम्मेदारी दी गई है।

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