हिसार, 2 मई।
उपायुक्त महेंद्र पाल की अध्यक्षता में जिला स्तर पर नशा नियंत्रण एवं रोकथाम को लेकर गठित समन्वय समिति (एनकोर्ड) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिले में नशे की रोकथाम हेतु व्यापक कार्य योजना के तहत समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान उपायुक्त महेंद्र पाल ने ड्रग कंट्रोलर को जिले के सभी केमिस्ट दुकानों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर अंकुश लगाया जा सके। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी गई कि स्कूलों में विशेष सतर्कता बरतें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी विद्यार्थी नशे की चपेट में न आए।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग तथा पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पुराने व जर्जर भवनों (खंडहरों) को चिन्हित कर उन्हें ध्वस्त करवाएं, ताकि ऐसे स्थान नशाखोरी के अड्डे न बन सकें। इसके साथ ही पंचायत विभाग को भांग के पौधों को समयबद्ध तरीके से नष्ट करवाने के निर्देश भी दिए गए।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि जो व्यक्ति नशा छोड़ चुके हैं, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में शामिल किया जाए। ऐसे व्यक्तियों को “नशा मुक्ति वॉरियर्स” के रूप में चिन्हित कर 26 जनवरी एवं 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मानित करने की भी योजना बनाई जाए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने विस्तृत प्रस्तुति देते हुए सभी विभागों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में सेंसटाइज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ लड़ाई को प्रभावी बनाने के लिए एनफोर्समेंट, अवेयरनेस और ट्रीटमेंट—तीनों पहलुओं पर समान रूप से फोकस करना आवश्यक है। सभी विभागों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में ठोस कदम उठाने और आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभागवार कार्यों की जानकारी देते हुए निर्देश दिए कि अगली बैठक में सभी अधिकारी अपनी-अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) के साथ उपस्थित हों।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद, एसडीएम बरवाला अश्वीर नैन, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुभाष चंद्र, सीएमओ डॉ. सपना गहलावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






