भिवानी, 05 मई। डीसी साहिल गुप्ता द्वारा जनसमस्याओं को तुरंत प्रभाव से संज्ञान लिया जा रहा है। इसी कड़ी में कमला नगर मोड़ स्थित प्रणामी मंदिर के सामने पानी की वॉल्व होदी की क्षतिग्रस्त स्लैब, पाईप लाईन लीकेज तथा हनुमान गेट एवं बिचला बाजार क्षेत्र में पेयजल समस्या के मामले डीसी के संज्ञान में आए। डीसी ने इन समस्याओं के समाधान के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को तुरंत प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
डीसी के निर्देशों के बाद जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता कपिल देव अन्य कर्मचारियों के साथ लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने सर्कुलर रोड स्थित कमला नगर मोड़ के पास वाल्व होदी की जर्जर स्लैब को देखा, जिससे आमजन को परेशानी बनी थी। कार्यकारी अभियंता ने बताया कि स्लैब को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया है, जिससे आवागमन सुरक्षित हो गया है।
वहीं हनुमान गेट और बिचला बाजार क्षेत्र में जल आपूर्ति पहले ही बहाल की जा चुकी है, लेकिन जल भंडारण टैंकों में सीमित पानी उपलब्ध होने के कारण विभाग द्वारा राशनिंग प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत क्षेत्रवासियों को एक दिन छोडक़र पानी की आपूर्ति की जा रही है ताकि सभी उपभोक्ताओं को न्यूनतम आवश्यक जल उपलब्ध हो सके।विभाग के अनुसार नहर में पानी आने की संभावित तिथि 11 मई 2026 निर्धारित है। नहर में जलापूर्ति पुन: शुरू होते ही संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को पूर्ण रूप से नियमित और सुचारु कर दिया जाएगा।
बॉक्स
-चौगान माता क्षेत्र में बदली पाईप लाईन
सर्कुलर रोड़ के बीच पाईप लाईन लीकेज की शिकायत मिली, जिस पर संबंधित जेई को तकनीकी टीम सहित मौके पर निरीक्षण हेतु भेजा गया। मौके पर जांच में पाया कि क्षेत्र में बिछी हुई पानी की पाइपलाइन में लीकेज की समस्या उत्पन्न हो रही थी। क्षतिग्रस्त पाईपलाइन की सही स्थिति की पहचान की गई, जिसके उपरांत मरम्मत कार्य तुरंत प्रारंभ कर दिया गया। उक्त क्षेत्र में पाईपलाइन से बार-बार लीकेज की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। चूंकि यह पाईपलाइन चौगान माता मंदिर के नीचे से होकर गुजर रही थी, इसलिए बार-बार मरम्मत हेतु खुदाई करना आवश्यक हो जाता था, जिससे समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं हो पा रहा था।
समस्या की गंभीरता को देखते हुए विभाग द्वारा इस पाईपलाइन को पूर्ण रूप से बदलने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में नई पाइपलाइन डालने का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। नई पाइपलाइन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु आगामी 1-2 दिनों तक इसका परीक्षण किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं भी किसी प्रकार का लीकेज शेष न रह जाए। परीक्षण उपरांत संतोषजनक स्थिति पाए जाने पर खुदाई किए गए गड्ढों को भरकर स्थल को समतल कर दिया जाएगा।

Leave a Reply