सिरसा, 4 मई।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा द्वारा बैकयार्ड कुक्कुट इकाई योजना संचालित की जा रही है। यह योजना विशेष रूप से बेरोजगार ग्रामीण युवाओं के लिए लाभकारी साबित हो रही है, जिससे वे कम लागत में अपना स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं।
योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनके लिए आय के स्थायी स्रोत तैयार करना तथा सामाजिक-आर्थिक उत्थान में योगदान देना है। इसके साथ ही योजना के माध्यम से लाभार्थियों और उनके परिवार के सदस्यों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस योजना के तहत विभाग द्वारा लाभार्थियों को हिसार स्थित राजकीय पोल्ट्री हैचरी से चेब्रो नस्ल के कुक्कुट पक्षी उपलब्ध करवाए जाते हैं। प्रत्येक पात्र परिवार को 8 से 10 दिन के 50 चूजे नि:शुल्क दिए जाते हैं। इसके अलावा, कुक्कुट पालन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए दो वाटर ड्रिंकर और दो फीडर भी मुफ्त प्रदान किए जाते हैं। इसके स्कीम के तहत आवेदक की उम्र 18 से 60 के बीच होनी चाहिए तथा हरियाणा का निवासी हो। इस स्कीम में अनुसूचित जाति, अन्य जाति के जरूरतमंद परिवार, बीपीएल परिवार व अन्य भूमि रहित खेती करने वाले लोग ऑनलाइन सरल पोर्टल पर आवेदन कर सकते है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप निदेशक डा. सुखविंद्र सिंह ने बताया कि यह योजना कम संसाधनों में अधिक लाभ देने वाली है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ पोषण स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने इच्छुक लाभार्थियों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें।
म्हारी योजना कॉलम के लिए

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